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Thursday, December 8, 2022

सावधान ! ज्यादा मत सोचिये नहीं तो कोयला ख़त्म हो जायेगा।

नई दिल्ली: संकट कोयले का नहीं, हमारी सोच का है…सोचेंगे कि कोयला खत्म हो रहा है, तो लगेगा कि वाकई खत्म हो रहा है…बिजली संकट बढ़ जाएगा…घरों की बत्ती गुल हो जाएंगी…दफ्तरों के काम ठप हो जाएगे…इसीलिए ज्यादा मत सोचिए..सोचने के विपरीत नतीजे होंगे..और ये नतीजे आपके शरीर को किस्म-किस्म की बीमारियां दे सकते है… फिर संकट शरीर से होता हुआ..जेब तलक पहुंच जाएगा….

कोयल संकट के बारे में ही नहीं, किसी भी संकट के बारे में नहीं सोचना चाहिए..डीजल-पेट्रोल और सिलिंडर के दाम जरा सा क्या बढ़े, हम सोचना शुरू कर देते है कि अब कैसे भला इतना मंहगा तेल गाड़ी में डलवाएंगे…अब कैसे रसोई का खर्च वहन करेंगे…देखिए, अब दुनिया में आए है तो हर संकट झेलना पड़ेगा…अब हसकर झेलिए या बेफिक होकर..यह आप पर निर्भर है….

सोचने भर से अगर किसी संकट या समस्या का समाधान निकल आता ..तो हर कोई सोचना आरम्भ न कर देता….सोचने से रक्तचाप बढ़ता है…बढ़े रक्तचाप का असर दिल पर होता है..दिल नाजुक है…उसका ख्याल रखिए….

सरकार कह रही है..कोयला संकट से निपटने के पूरे इंतजाम है…आखिर जनता ने उसे चुना किसलिए है… तो सबकुछ उस पर छोड़ दीजिए….जैसे-काले धन से निपटने का उसने रास्ता निकाला..इसका भी निकाल लेगी….शायद कोयले को भी डिजिटल कर दें…अब इतना कुछ डि़जिटल हो रहा है..तो कोयला पीछे क्यों रहे…..ऐसे कितने संकट देश और जनता पर आए..आखिर सरकार ने ही तो समाधान निकाला…सरकार जो कहती है, वो करती है…

न जानें क्यों कोयला संकट के पीछे मुझे विदेशी हाथ नजर आता है…कई राज्यों में चुनाव नजदीक है….क्या पता यह सब साजिश के तहत हो रहा हो….जो भी हो हमें सोच और चितां से बिलकुल मुक्त रहना है…जब कोरोना महामारी से मरते-मरते लड़ लिए..तो कोयले के इस कमी से भी दो-दो हाथ कर ही लेंगे……

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अब आपको इस मुद्दे से सम्बंधित लेटेस्ट अपडेट से रूबरू करवाते हैं। गुलाब के असर से कोयला कंपनियों के उबरने की कोशिश को एक और चक्रवाती बारिश ने प्रभावित किया हैं। वास्तविक आंकड़ा एक दिन बाद आएगा वैसे कोयला कंपनियों के अनुसार झारखण्ड और बंगाल में स्थित कोयला खदानों पर बारिश का व्यापक असर पड़ा हैं। कोयला उत्पादन में पचास प्रतिशत तक की कमी आयी हैं. डिस्पैच भी तीस से चालीस प्रतिशत तक प्रभावित हुआ हैं। BCCL, CCL एवं ECL के उत्पादन और डिस्पैच पर असर पड़ा हैं। ECL की झारखण्ड और बंगाल स्थित कोयला खदाने प्रभावित हुई हैं. BCCL और CCL के कुछ एरिया में बारिश से बुरा हाल हैं. कोयला उत्पादन नहीं के बराबर हुआ। कुछ डिपार्टमेंटल उत्पादन ही हुआ। आउटसोर्सिंग परियोजनाएं बंद रही | सनद रहे कि झारखण्ड से देश के तक़रीबन ग्यारह राज्यों को कोयला आपूर्ति की जाती हैं।

Priya Tomar
Priya Tomar
I am Priya Tomar working as Sub Editor. I have more than 2 years of experience in Content Writing, Reporting, Editing and Photography .

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