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Thursday, December 8, 2022

Be Alert! बिना डॉक्टर की सलाह होम आइसोलेशन में न रहे बुजुर्ग मरीज

नई दिल्ली। दिल्ली में अस्पतालों से अधिक कोरोना मरीज घरों में रह रहे हैं। लेकिन डॉक्टरों की सलाह है कि बुजुर्ग मरीजों और पहले से बीमार लोगों को बिना डॉक्टर की सलाह के होम आइसोलेशन में रहने से बचना चाहिए।

एम्स के मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉक्टर नवल किशोर विक्रम के मुताबिक मधुमेह, ह्रदय रोग, किडनी रोग, अस्थमा, कैंसर जैसी बीमारियों से पीड़ित लोगों में कोरोना का संक्रमण घातक हो सकता है। इसलिए ऐसे मरीजों को कोरोना संक्रमण होने पर तुरंत डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए, भले ही उनमें कोई लक्षण न हो। इसके अलावा 55-60 या इससे अधिक उम्र के लोगों को संक्रमण की पुष्टि होने के बाद डॉक्टरों की सलाह जरूर लेनी चाहिए।

दिल और मधुमेह के मरीज ज्यादा सावधानी बरतें
कोरोना संक्रमित लोगों में खून का थक्का जमने का खतरा अधिक होता है। एम्स के मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर नीरज निश्चल के मुताबिक कोरोना के मरीजों में खून का थक्का जमकर उसके दिल या दिमाग की रक्त वाहनियों तक पहुंचने का खतरा अधिक होता है। ऐसे में दिल के दौरे का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए दिल और मधुमेह रोगियों को ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है।

13905 मरीज होम आइसोलेशन में
दिल्ली में कोरोना संक्रमित 13,905 मरीज होम आइसोलेशन में रह रहे हैं। कोरोना के मामलों में कमी आने के बाद इनकी संख्या कम हुई है। तीन सप्ताह पहले इनकी संख्या लगभग 20 हजार तक पहुंच गई थी। अभी 5802 कोरोना पीड़ित दिल्ली के अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती हैं। इस हिसाब से देखें तो होम आइसोलेशन में रहने वाले मरीजों की संख्या अस्पतालों में रह रहे मरीजों से दोगुनी है।

घरों में रह रहे मरीजों को नहीं मिल रही मदद
घरों में रह रहे संक्रमित मरीज दवा के बारे में जानकारी न मिलने से परेशान हैं। कई मरीज जांच के बारे में पता नहीं कर पा रहे हैं। लोग सोशल मीडिया पर भी इसकी शिकायत भी कर रहे हैं।

न किसी ने कॉल किया और न गली सील हुई
पीतमपुरा के रहने वाले नितिन गुप्ता की भाभी कोरोना पीड़ित हैं। मोहल्ला क्लीनिक में एंटीजन जांच के दौरान उन्हें कोरोना संक्रमित होने का पता चला। 16 सितंबर को वे कोरोना संक्रमित हुईं। इसके बाद उन्होंने डॉक्टरों से कहा कि घर पर छोटे बच्चे हैं तो कैसे रहेंगी। डॉक्टरों ने कहा कि आपके पास कॉल आ आएगी, लेकिन चार दिन हो गए, किसी ने कॉल नहीं किया। नितिन ने कहा कि परिवार में उनके साथ दो छोटे बच्चे भी हैं, ऐसे में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने बताया कि शुरू में दो दिन उन्हें बुखार भी रहा था तो वे खुद से इलाज कराते रहे।

न दवा मिली और न ही कोई घर आया
मयूर विहार में रहने वाले नितिन नेगी ने बताया कि बुखार और अन्य लक्षण होने की वजह से 18 सितंबर को वो और उनकी मां जांच कराने गए थे। उसी दिन कोरोना संक्रमित होने का पता चला। दोनों घर में आइसोलेशन में रह रहे हैं। नितिन ने कहा कि कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन मेरी मां जी उम्र 62 साल है तो उनका तो किसी को हालचाल जानना चाहिए था। इसके बाद उन्होंने डेल्ही फाइट्स कोरोना को ट्वीट कर मदद मांगी है।

यहां पा सकते हैं मदद
कोरोना पीड़ितों को बेड न मिलने या अन्य किसी परेशानी के दौरान मदद के लिए हेल्पलाइन नम्बर 1031 पर कॉल करना चाहिए या फिर @delhivsCorona को टैग कर ट्वीट करना चाहिए।

होम आइसोलेशन की गाइडलाइन
होम आइसोलेशन में रह रहे मरीज के मोबाइल में आरोग्‍य सेतु एप डाउनलोड होना चाहिए। होम आइसोलेशन की अवधि के दौरान इसे पूरी तरह सक्रिय होना चाहिए। नए दिशा निर्देश में कहा गया है कि होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों में कोरोना के लक्षण दिखने के 10 दिनों के बाद और तीन दिन तक बुखार नहीं आने पर ही उनकी अवधि खत्‍म मानी जाएगी।

Priya Tomar
Priya Tomar
I am Priya Tomar working as Sub Editor. I have more than 2 years of experience in Content Writing, Reporting, Editing and Photography .

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