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Wednesday, December 7, 2022

नौकरशाही में व्यापक सुधार के लिए मंत्रिमंडल ने दी मिशन कर्मयोगी को मंजूरी

नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने नौकरशाही में व्यापक सुधार के लिए राष्ट्रीय सिविल सेवा क्षमता विकास कार्यक्रम (एनपीसीएससीबी) ‘मिशन कर्मयोगी’ को मंजूरी दे दी। इसका उद्देश्य ऐसे लोक सेवक तैयार करना है, जो अधिक रचनात्मक, ङ्क्षचतनशील, नवाचारी, व्यावसायिक और प्रौद्योगिकी-सक्षम हों। सरकार की ओर से जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि इस कार्यक्रम के मुख्य मार्गदर्शक सिद्धांतों में ‘नियम आधारित’ मानव संसाधन प्रबंधन से ‘भूमिका आधारित’ प्रबंधन के परिवर्तन को सहयोग प्रदान करना शामिल है।

साथ ही इसका लक्ष्य लोक सेवकों को उनके पद की आवश्यकताओं के अनुसार आवंटित कार्य को उनकी क्षमताओं के साथ जोड़ना भी है। बयान में कहा गया है कि यह कार्यक्रम सरकारी कर्मचारियों के लिए क्षमता निर्माण का आधार होगा ताकि वे विश्वभर की उत्कृष्ट कार्य पद्धतियां सीखते हुए भारतीय संस्कृति से भी निरंतर जुड़े रहें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक के बाद इसकी जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि यह मिशन अधिकारियों और सरकारी कर्मचारियों को उनके क्षमता निर्माण का एक मौका प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि मिशन ‘कर्मयोगी’ के तहत सिविल सेवा क्षमता निर्माण योजनाओं को प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली एक सार्वजनिक मानव संसाधन परिषद में मंजूरी दी गयी।

प्रधानमंत्री (PM) की अध्यक्षता में चयनित केन्द्रीय मंत्रियों, मुख्यमंत्रियों, प्रख्यात सार्वजनिक मानव संसाधन पेशेवरों, विचारकों, वैश्विक विचारकों और लोक सेवा प्रतिनिधियों वाली यह सार्वजनिक मानव संसाधन परिषद शीर्ष निकाय के तौर पर कार्य करेगी जो सिविल सेवा-सुधार कार्य और क्षमता विकास को कार्यनीतिक दिशा प्रदान करेगी। जावड़ेकर ने कहा, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल ने नियुक्ति के बाद एक बहुत बड़ा सुधार का फैसला किया है जिसमें अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने प्रदर्शन में सुधार का एक मौका दिया जाएगा।’ उन्होंने कहा कि सरकार में मानव संसाधन विकास का यह सबसे बड़ा कार्यक्रम है।

इस मिशन के संस्थागत ढांचे में प्रधानमंत्री की लोक मानव संसाधन परिषद, क्षमता निर्माण आयोग, डिजिटल परिसंपत्तियों के स्वामित्व और प्रचालन के लिए विशेष प्रयोजन संस्थाएं और ऑनलाइन प्रशिक्षण के लिए प्रौद्योगिकी मंच शामिल होगा। इसके अलावा कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता में एक समन्वय इकाई भी इसके ढांचे में शामिल होगी। जावड़ेकर ने कहा कि पिछली बैठक में मंत्रिमंडल ने नियुक्ति से पहले की प्रक्रिया के लिए एक राष्ट्रीय भर्ती एजेंसी के गठन को मंजूरी दी थी। इसमें क्षमता निर्माण आयोग के गठन का प्रस्ताव है जो सहयोग और साझेदारी के आधार पर क्षमता निर्माण के प्रबंधन और नियमन में एक समान दृष्टिकोण सुनिश्चित करेगा।

केंद्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री के हस्तक्षेप के बाद यह योजना लाई गई है। इससे कर्मचारियों के व्यक्तिनिष्ठ मूल्यांकन को समाप्त करने में मदद करेगा और उनका वैज्ञानिक तरीके से उद्देश्यपरक और समयोचित मूल्यांकन सुनिश्चित करेगा। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि ‘मिशन कर्मयोगी’ कार्यक्रम लोक सेवा क्षमता निर्माण का एक राष्ट्रीय कार्यक्रम है जो नए भारत के नये भविष्य को तैयार करने के लिए सिविल र्सिवस को बनाने में बेहद सफल होगा। उन्होंने कहा कि यह वास्तविक कर्मयोगी के रूप में सिविल सेवाओं को साकार रूप में रखने का एक प्रयास है जो भविष्य की चुनौतियों का मुकाबला करने के लिए सृजनात्मक, रचनात्मक, प्रो-एक्टिव और तकनीकी रूप से सशक्त है।

उन्होंने कहा, ‘इसका उद्देश्य कोष्ठागारों (साइलो) में काम करने की संस्कृति को समाप्त करना और प्रशिक्षण मॉड्यूल की बहुलता पर काबू पाना भी है।’ सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले छह वर्षों के दौरान शासन में क्रांतिकारी सुधार लाए गए। उन्होंने कहा, ‘19 अगस्त 2020 को ऐतिहासिक राष्ट्रीय भर्ती एजेंसी के पारित होने के बाद, मिशन कर्मयोगी गहराई और प्रसार के मामले में दुनिया में सबसे बड़ा सिविल र्सिवस सुधार साबित होगा।’

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सभी सेवाओं में सभी भाषाओं में सभी स्तरों पर करियर के मध्?य में प्रशिक्षण उपलब्ध होगा, जो भारत सरकार के सभी स्तरों पर सेवाएं पेशेवर तरीके से प्रदान करने में मदद करेगा। उन्होंने कहा, ‘नियम विशेष से लेकर भूमिका विशिष्ट, संस्थागत क्षमता निर्माण प्रशिक्षण, कौशल का निरंतर उन्नयन, साइलो में काम करने की संस्कृति को समाप्त करना इस सुधार प्रक्रिया की कुछ प्रमुख विशेषताएं हैं।’ सिंह ने कहा कि मिशन कर्मयोगी का अंतिम उद्देश्य आम आदमी का जीवन आसान बनाना, व्यवसाय को सुगम बनाना और नागरिकों को केन्द्र में रखना सुनिश्चित करना है जो सरकार और नागरिकों के बीच की खाई को कम कर रहा है।

केंद्रीय कार्मिक व प्रशिक्षण मंत्रालय में सचिव सी चंद्रमौली ने कहा कि मिशन कर्मयोगी का गठन सटीक दृष्टिकोण, कौशल और ज्ञान के साथ भविष्य को ध्यान में रखकर सिविल सेवा का निर्माण करने के लिए किया गया है। उन्होंने कहा, ‘यह नए भारत की दृष्टि से जुड़ा हुआ है और क्षमता निर्माण पर केंद्रित है। मिशन कर्मयोगी अभियान सिविल सेवा क्षमता निर्माण से संबंधित एक राष्ट्रीय कार्यक्रम होगा। यह न केवल व्यक्तिगत क्षमता निर्माण पर बल्कि संस्थागत क्षमता निर्माण और प्रक्रिया पर भी केंद्रित है।’ चंद्रमौली ने कहा कि वर्तमान में प्रशिक्षण परिदृश्य विविधताओं से भरा और बिखरा हुआ है। विभिन्न मंत्रालयों में, विभिन्न प्रशिक्षण संस्थानों द्वारा प्रशिक्षण प्राथमिकताओं में विसंगतियां हैं, इसने भारत की विकासात्मक आकांक्षाओं की साझा समझ को रोका है।

उन्होंने कहा, ‘एक प्रशासनिक अधिकारी को समाज की चुनौतियों का सामना करने के लिए कल्पनाशील और अभिनव, सक्रिय और विनम्र, पेशेवर और प्रगतिशील, ऊर्जावान और सक्षम, पारदर्शी और तकनीकी तौर पर दक्ष और रचनात्मक होना चाहिए।’ बयान के मुताबिक तकरीबन 46 लाख केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बनाये जा रहे इस मिशन पर 2020-21 से 2024-25 तक पांच वर्ष की अवधि के लिए 510.86 करोड़ रुपये से अधिक धन खर्च किया जाएगा। बयान में कहा गया, ‘इस व्यय को 50 मिलियन अमेरिकी डॉलर की राशि की बहुपक्षीय सहायता द्वारा आंशिक रूप से वित्तपोषित गया है।’

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस फैसले से सरकार में मानव संसाधन प्रबंधन की पद्धतियों में मूलभूत सुधार आएगा। उन्होंने सिलसिलेवार ट्वीट कर कहा, ‘सिविल र्सिवस क्षमता निर्माण के लिए राष्ट्रीय कार्यक्रम- ‘मिशन कर्मयोगी’ सरकार में मानव संसाधन प्रबंधन कार्य प्रणाली में मौलिक सुधार करेगा। यह सरकारी कर्मचारियों की क्षमता बढ़ाने के लिए पैमाने और आधुनिक बुनियादी ढांचे का उपयोग करेगा।’ प्रधानमंत्री ने कहा, आईजीओटी प्लेटफ़ॉर्म कार्य- आधारित मानव संसाधन प्रबंधन और निरंतर ज्ञान के लिए परिवर्तन सक्षम करेगा। मिशन कर्मयोगी का उद्देश्य पारर्दिशता और प्रौद्योगिकी के माध्यम से भविष्य के लिए सरकारी कर्मचारियों को अधिक सृजनात्मक, रचनात्मक और नवोन्मेषी बनाना है।’

Priya Tomar
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I am Priya Tomar working as Sub Editor. I have more than 2 years of experience in Content Writing, Reporting, Editing and Photography .

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