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Thursday, October 6, 2022

Ganesh Chaturthi 2022 : गणेश चतुर्थी कल, मूर्ति खरीदते समय रखें इन बातों का ध्यान, जानें गणपति स्थापना का मुहूर्त और पूजा विधि से जुड़ी पूरी जानकारी

नई दिल्ली। 31 अगस्त, 2022 यानी की बुधवार से गणेश चतुर्थी उत्सव की शुरुआत हो रही है। गणपति बप्पा बुधवार को विराजमान होंगे जिसका जश्न अगले 10 दिनों तक मनाया जाएगा। गणपति के स्वागत के लिए अलग-अलग जगहों पर झांकियां और पंडाल सजाए जा रहे हैं।

अगर आप भी गणपति बप्पा का स्वागत करने की तैयारी कर रहे हैं तो आइये जानते हैं बप्पा की मूर्ति, स्थापना के मुहूर्त से लेकर पूजा-अर्चना की विधि।

बप्पा की मूर्ति लेते वक्त इन बातों का रखें ध्यान
अगर आप बप्पा की मूर्ति स्थापित करने वाले हैं तो मूर्ति लेते वक्त ध्यान रखें कि वो बप्पा की मूर्ति नाचते हुए ना हो। माना जाता है कि बप्पा की नाचती हुई मूर्ति लाने से घर में कलह होता है। इतना ही नहीं, मूर्ति लेते वक्त बप्पा की सूंड पर भी जरूर ध्यान दें। अगर आप बप्पा को अपने घर पर स्थापित कर रहे हैं तो उनकी बाईं ओर सूंड वाली मूर्ति लें। अगर आप दाईं ओर सूंड वाली मूर्ति लेते हैं तो आपको विशेष नियमों का पालन करना होगा।

जानिए गणेश चतुर्थी 2022 का शुभ मुहूर्त
– भाद्रपद शुक्ल पक्ष चतुर्थी तिथि शुरू – 30 अगस्त 2022, दोपहर 3.33 मिनट से भाद्रपद शुक्ल पक्ष चतुर्थी तिथि खत्म – 31 अगस्त 2022, दोपहर 3.22 मिनट तक

– गणेश जी स्थापना मुहूर्त – 11.05 AM – 1.38 PM (31 अगस्त 2022, बुधवार)

– विजय मुहूर्त – दोपहर 2.34 – 3.25 (31 अगस्त 2022)

– अमृत काल मुहूर्त – शाम 5.42 – 7.20 (31 अगस्त 2022)

– गोधूलि मुहूर्त – शाम 6.36 – 7.00 (31 अगस्त 2022)

जानिए गणेश चतुर्थी 2022 का शुभ योग
इस साल गणपति बप्पा तीन शुभ योग में पधार रहे हैं, वो हैं- रवि, ब्रह्म और शुक्ल योग।

– रवि योग – 31 अगस्त 2022, 06.06 AM – 1 सितंबर 2022, 12.12 AM
– शुक्ल योग – 31 अगस्त 2022, 12.05 AM – 10:48 PM
– ब्रह्म योग – 31 अगस्त 2022, 10.48 PM – 1 सितंबर 2022, 09.12 PM

गणेश चतुर्थी पर ऐसे करें पूजा
– गणेश चतुर्थी के दिन सूर्योदय से पहले नहाकर तैयार हो जाएं।
– इसके बाद जिस जगह पर गणेश जी की स्थापना करनी है, उस स्थान पर गंगाजल छिड़कर उसे पवित्र कर दें। ध्यान दें कि बप्पा की स्थापना उत्तर पूर्व दिशा में हो।
– स्थान पवित्र करने के बाद चौकी पर लाल या सफेद कपड़ा बिछाएं।
– इसके बाद चौकी पर अक्षत डालें और उसके ऊपर बप्पा की मूर्ति को स्थापित कर दें। बप्पा की मूर्ति की स्थापना करते वक्त ‘अस्य प्राण प्रतिषठन्तु अस्य प्राणा: क्षरंतु च। श्री गणपते त्वम सुप्रतिष्ठ वरदे भवेताम।।’ मंत्र का जाप जरूर करें।
– स्थापना के बाद फूल से बप्पा पर गंगाजल और पंचामृत छिड़कें।
– अभिषेक के बाद बप्पा को रोली, हल्दी, सिंदूर, अक्षत, चंदन, अबीर, गुलाल, लाल फूल, लौंग, इलायची, पान का पत्ता, सुपारी, नारियल और मौली अर्पित करें।
– इसके बाद बप्पा को जनेऊ पहनाएं और 11 या फिर 21 जोड़े दूर्वा चढ़ाएं। इसके बाद बप्पा को मोदक या फिर बेसन के लड्डू का भोग लगाएं।
– इसके साथ ही बप्पा को फल भी अर्पित करें।
– इसके बाद धूप और दीप जलाएं और गणपति चालीसा का पाठ करें और गणेश चतुर्थी की कथा सुनें।
– पूरी पूजा-विधि के दौरान ध्यान रखें कि आपको तुलसी का उपयोग नहीं करना है।
– पूजा विधि के दौरान इन मंत्रों का जाप जरूर करें-

वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ।
निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥

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