spot_img
18.1 C
New Delhi
Monday, November 28, 2022

जानिए क्या होता है Myopia, क्यूं इससे गुजर रही है दुनिया की आधी आबादी

नई दिल्ली। आज हम बात कर रहे हैं मायोपिया (Myopia) को लेकर। इसके बारें में कुछ लोगों को पता है और कुछ लोग अनजान है इससे। खैर हम बता दे कि ये आखों की एक बिमारी जैसी है। खैर शोध से खुलासा हुआ है कि दुनिया भर में लोगों को स्मार्टफोन और टेबलेट की लत लगने के चलते आने वाले समय में लोगों की आंखों पर असर होगा और उन्हें चश्में की जरूरत होगी।

क्या आपको पता है कि क्या है ‘काले चने’ खाने के फायदे…?? नहीं तो पढे़ ये खबर

शोधकर्ताओं के मुताबिक फोन और टेबलेट के ज्यादा इस्तेमाल के चलते लोगों में देखने की क्षमता में कमी या Myopia का खतरा 30 फीसदी तक बढ़ा है। वहीं जो लोग लैपटॉप या कंप्यूटर का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं उनमें ये खतरा 80 फीसदी तक बढ़ जाता है। इस शोध में शामिल Anglia Ruskin University के Ophthalmology विभाग के प्रोफेसर Rupert Bourne के मुताबिक ये अध्ययन तीन महीने के बच्चे से लेकर 33 साल तक के युवाओं के बीच किया गया।

What is myopia or near sight in children? - My Kids Vision

शोधकर्ताओं के मुताबिक लॉकडॉउन के चलते पूरी दुनिया में लोगों का स्क्रीन पर खर्च होने वाला समय बढ़ गया है। इसका सीधा असर आंखों पर पड़ा है। सबसे अधिक असर बच्चों की आंखों पर पड़ा है। वहीं ऑनलाइन क्लास के चलते माता पिता भी बच्चे को ज्यादा समय ऑनलाइन रहने पर जोर देते हैं। रिसर्च में मिले आंकड़ों के मुताबिक यूके में रहने वाले लोगों में ही तीन में एक व्यक्ति पर इसका असर पड़ा है।

दिनभर रहना चाहतें है ‘फिट और खुश’ तो ले ऐसी डाइट

वहीं विशेषज्ञों के मुताबिक स्क्रीन टाइम बढ़ने से सबसे ज्यादा असर भारत सहित एशिया में रहने वाले लोगों की आंखों पर पड़ेगा। क्योंकि दुनिया की सबसे बड़ी आबादी यहीं रहती है। वहीं आंखों पर सबसे अधिक असर कहां होगा इसको इस बात से भी समझा जा सकता है कि जिस देश में सबसे ज्यादा स्मार्टफोन होंगे वहां के लोगों की आंखों पर सबसे अधिक होगा।

क्या है मायोपिया- मायोपिया की बीमारी में मरीज को दूर की चीजें साफ नहीं दिखाई देती। साइंस की भाषा में कहें तो, इस बीमारी में कोई ऑबजेक्ट 2 मीटर या 6.6 फीट की दूरी पर मौजूद है, तो वह हमें धुंधला दिखाई देता है।

क्या है इलाज- इस बीमारी में आंख में जाने वाली रौशनी रेटिना पर केंद्रित नहीं होती। इसके चलते तस्वीरें धुंधली दिखाई देती है। इस बीमारी को ठीक करने के लिए चश्मा, कॉन्टेक्ट लेंस या अपवर्तक सर्जरी से आंखों की रौशनी को ठीक किया जा सकता है। आपकी आंखें मायोपिया से कितनी प्रभावित है, इस आधार पर आपके चश्मे और कॉन्टैक्ट लेंस का नंबर तय होता है।

सोशल मीडिया अपडेट्स के लिए हमें Facebook और Twitter पर फॉलो करें।
Priya Tomar
Priya Tomar
I am Priya Tomar working as Sub Editor. I have more than 2 years of experience in Content Writing, Reporting, Editing and Photography .

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_img

INDIA COVID-19 Statistics

44,672,827
Confirmed Cases
Updated on November 28, 2022 7:17 PM
530,614
Total deaths
Updated on November 28, 2022 7:17 PM
6,097
Total active cases
Updated on November 28, 2022 7:17 PM
44,136,116
Total recovered
Updated on November 28, 2022 7:17 PM
- Advertisement -spot_img

Latest Articles