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Thursday, December 8, 2022

Taliban की गुटबाजी से Afghanistan में बढ़ा गृहयुद्ध का खतरा

नई दिल्ली। अफगानिस्तान (Afghanistan) में तालिबान ने वैश्विक आतंकी मुल्ला हसन अखुंद को इस्लामिक अमीरात का प्रधानमंत्री नियुक्त किया है। इतना ही नहीं, अमेरिका के मोस्ट वॉन्टेड आतंकी को तालिबान सरकार में अफगानिस्तान का गृह मंत्री बनाया गया है। तालिबान सरकार में नंबर एक और दो पद पर वैश्विक आतंकियों की नियुक्ति से दुनिया में तहलका मचा हुआ है।

बता दें जब से तालिबान ने अफगानिस्तान को अपने कब्ज़े में लिया है तबसे से तालिबानी आतंकी “मुल्ला बरादर” ने इसमें अहम् भूमिका निभाई है और तभी से ये हल्ला था कि मुल्ला बरदार तालिबानी सरकार के प्रधानमंत्री बनेंगे लेकिन 1 महीना भी नहीं हुआ और उससे पहले ही परिस्थिति में बदलाव आये और अब तालिबान ने वैश्विक आतंकी मुल्ला हसन अखुंद को इस्लामिक अमीरात का प्रधानमंत्री नियुक्त किया है जिससे मुल्ला बरादर भी थोड़े नाराज़ हैं, ऐसे में तालिबान में गृहयुद्ध की स्थिति भी बन रही है।

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अफगानिस्तान में बढ़ा गृहयुद्ध का खतरा

तालिबान में ‘विजय’ जुलूस को लेकर भी मतभेद उजागर हुआ है। एक तालिबानी कमांडर ने नाम उजागर किए बिना बताया कि, अतीत में कंधार और जाबुल धड़ा निर्णय प्रक्रिया में ज्यादा ताकतवर था पर काबुल पर कब्जे के बाद हक्कानी का प्रभाव बढ़ गया है। तालिबान सरकार की कमान को लेकर तालिबान के दोहा गुट, कंधार गुट और आतंकी संगठन हक्कानी नेटवर्क के बीच विवाद की खबरें थीं। इस बीच पाकिस्तान की मदद से तालिबान के ऐसे सदस्य को सरकार की कमान सौंपी जा सकती है, जो ज्यादा बड़ा नाम नहीं हो। पिछले दिनों पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के मुखिया लेफ्टिनेंट जनरल फैज हामिद के काबुल दौरे के दौरान मुल्ला हसन अखुंद के नाम पर सहमति बनी थी।

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33 मंत्रियों की कैबिनेट में कोई महिला नहीं

सबसे बड़ी बात तालिबान सरकार की 33 मंत्रियों की कैबिनेट में कोई महिला नहीं होगी। खैरउल्लाह खैरख्वा को सूचना मंत्री का पद दिया गया है। अब्दुल हकीम को न्याय मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई। शेर अब्बास स्टानिकजई को डिप्टी विदेश मंत्री बनाया गया है। वहीं जबिउल्लाह मुजाहिद को सूचना मंत्रालय में डिप्टी मंत्री की कमान दी गई है। अफगानिस्तान पर कब्जे के बाद तालिबान ने दुनिया को यह बार-बार भरोसा दिलाया था कि नई सरकार उदार होगी। लेकिन अंतरिम सरकार में जिन लोगों को शामिल किया गया है वे सभी तालिबान के कट्टरपंथी चेहरा माने जाते हैं।

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गनी बरादर बने अफगानिस्तान के उप-प्रधानमंत्री

तालिबान के राजनीतिक कार्यालय के प्रमुख मुल्ला अब्दुल गनी बरादर को उप प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया है। नई सरकार में अमेरिका की गठबंधन सेना और अफगानिस्तान सरकार के खिलाफ दो दशकों तक लड़ने वाले तालिबान के शीर्ष नेताओं को प्रमुखता दी गई है। हालांकि, यह साफ नहीं हुआ है कि अंतरिम सरकार में तालिबान के मुखिया मुल्ला हिबातुल्ला अखुंदजादा की भूमिका क्या होगी। तालिबान ने पिछले दिनों कहा था कि अखुंदजादा नई सरकार के सर्वोच्च नेता होंगे। तालिबान सरकार की कमान को लेकर खींचतान जारी है, पिछले दिनों से तालिबान के दोहा गुट, कंधार गुट और आतंकी संगठन हक्कानी नेटवर्क के बीच विवाद की खबरें भी आ रही हैं, ऐसे में तालिबान के गुटों में आपस में ही गृहयुद्ध की स्थिति बनी हुई है।

Priya Tomar
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I am Priya Tomar working as Sub Editor. I have more than 2 years of experience in Content Writing, Reporting, Editing and Photography .

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