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Friday, February 3, 2023

घूमने के लिए रहिए तैयार, अब अंतरिक्ष में बनेगा होटल

नई दिल्ली। दुनिया के पहले ‘अंतरिक्ष होटल’ का काम शुरू होने वाला है। 2025 में लॉ अर्थ ऑर्बिट (LEO) में रेस्टोरेंट, सिनेमा, स्पा और 400 लोगों के लिए कमरों वाले होटल का काम शुरू हो जाएगा। ऑर्बिटल असेंबली कॉर्पोरेशन (OAC) द्वारा शुरू बनाया जा रहा यह ‘वॉयेजर स्टेशन’ 2027 तक शुरू होने की उम्मीद है और इसका आकार एक बड़े चक्र जैसा होगा। इसमें ठहरने वाले लोगों को एक क्रूज शिप पर रुकने जैसा अहसास मिलेगा।
आइये, पूरी खबर जानते हैं।

लागत की जानकारी सामने आना बाकी
अंतरिक्ष में घूमने वाले इस होटल के बाहरी रिंग पर कई पॉड्स जुड़े होंगे। इनमें से कुछ पॉड्स को NASA और दूसरे अंतरिक्ष एजेंसियों को रिसर्च के लिए बेचा जा सकेगा। अभी इस होटल के निर्माण पर आने वाली लागत और इसमें ठहरने पर होने वाले खर्च की जानकारी सामने आना बाकी है। हालांकि, इसका निर्माण कर रही कंपनी का कहना है कि स्पेसएक्स फॉल्कन 9 और आगामी स्टारशिप जैसे रियूजेबल लॉन्च व्हीकल के कारण लागत काफी कम हो जाएगी।

गेटवे फाउंडेशन करेगी मॉड्यूल का संचालन
डेलीमेल की रिपोर्ट के अनुसार, यह होटल कई रिंग्स को मिलाकर तैयार की जाएगा। इनके बाहरी हिस्सों पर कई मॉड्यूल होंगे। इनमें से 24 का संचालन गेटवे फाउंडेशन द्वारा किया जाएगा और इनका इस्तेमाल क्रू क्वार्टर, पानी, हवा और ऊर्जा के लिए होगा। इनमें रसोई, जिम, रेस्त्रां, बार और दूसरी सुविधाएं भी होंगी ताकि लोग बिना किसी परेशानी के लंबे समय तक यहां ठहर सके। बाकी बचे मॉड्यूल को निजी कंपनियों या सरकारों को बेचा या लीज पर दिया जाएगा।

निर्माण के बाद अंतरिक्ष में सबसे बड़ी कृत्रिम चीज होगी होटल
अगर इस कॉन्सेप्ट को मूर्त रूप दे दिया जाता है तो यह अंतरिक्ष में इंसानी द्वारा बनाई गई सबसे बड़ी चीज होगी। अभी तक धरती से एक किलोग्राम मैटेरियल भेजने की लागत लगभग 5.87 लाख रुपये आती थी, लेकिन फॉल्कन 9 आने के बाद यह घटकर 1.47 लाख रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है। उम्मीद है कि स्टारशिप आने के बाद यह लागत घटकर कुछ हजार रुपये प्रति किलोग्राम हो जाएगी।

हर 90 मिनट पर पृथ्वी का चक्र लगाएगा होटल
स्टारशिप और दूसरे रियूजेबल स्पेसक्राफ्ट आने के बाद इस होटल की व्यवहारिकता और बढ़ जाएगी। इनकी मदद से धरती और अंतरिक्ष के बीच कनेक्टिविटी नियमित और तेजी से हो पाएगी। इस होटल को तैयार करने में लगी टीम में NASA के पूर्व वैज्ञानिक, पायलट, इंजीनियर और आर्किटेक्ट शामिल हैं। जिस मॉड्यूल में इंसान ठहरेंगे उसका आकार 20X12 मीटर होगा। इनमें लाउंज, कॉन्सर्ट वेन्यू, लाइब्रेरी जैसी सुविधाएं दी जाएंगी।
यह हर 90 मिनट पर पृथ्वी का एक चक्र लगाएगा।

टेस्टिंग के बाद शुरू होगा निर्माण कार्य
इसका काम शुरू करने से पहले कंपनी एक छोटा प्रोटोटाइप अंतरिक्ष में भेजेगी। इसके जरिये मिशन में आने वाली चुनौतियां का पता लगाया जाएगा। जब इसकी टेस्टिंग पूरी हो जाएगी तो स्ट्रक्चर ट्रूस असेंबली रोबोट (STAR) नाम का रोबोट इस होटल के लिए फ्रेम बनाने का काम शुरू करेगा। इस काम में लगभग दो साल का समय लगेगा। जब इसका निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा तो इसे तीन दिनों के भीतर धरती से अंतरिक्ष में एक साथ जोड़ दिया जाएगा।

Priya Tomar
Priya Tomar
I am Priya Tomar working as Sub Editor. I have more than 2 years of experience in Content Writing, Reporting, Editing and Photography .

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